चोरी
मधु के पति भी उसके साथ ही इतिहास केअध्यापक थे। मधुका बेटा पांच साल का हो गया था।बड़े लाड़-प्यार सेप ल रहा था। वे कभी उसे सर्कस दिखाने ले जाते , कभी थ्री डी मूवीऔर कभी पार्क। अजय कोशलजागृति पढने में बेहद होनहार थी। पिता के नेवी मेंकार्यरत होने के कारण पोस्टिंग अक्सर बाहर रहतीथी , फिर भी जागृति के लिए उन्हेंकिसी प्रकार की चितानहींथी। उसकी पढेने में बेहद रूचि थी। जागृति के पिताने सेवानिवृत्ति के बाद पब्लिक पार्क में बोटिग क्लब काअनुबंध किया था , जहांपर्यटक उनकी नावोंमें किराए परबोटिग करते थे। जागृति ने दसवींकी बोर्ड परीक्षा दसमें से दस सीवजीवपीवएव के साथ उत्तीर्ण की थी। अबकक्षा ग्यारह में अपनी रूचि अनुसार विज्ञान विषयलिया था। जागृति को मधु भोतिकी पढ़ाती थी। मधुजागृति के होनहारपन की कद्र करती थी और जागृतिउनकी प्रिय शिष्या थी। विडबंनावश दिल के दोरे सेजागृति के पिता का निधन हो गया। अब बोटिगक्लब का अनुबंध जागृति के भाई ने ले लिया था। मधु के पति भी उसके साथ ही इतिहास केअध्यापक थे। मधु का बेटा पांच साल का हो गया था।बड़े लाड़-प्यार से पल रहा था। पहली संतान का चाव अलग ही होता है। कभी...