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Blood Sugar पर नियंत्रण करे आम खाकर

मोटापे से पीडिेत लोग अगर रोजाना आमका सेवन करे तो उनके ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है। हालिया अध्ययन में यहबात सामने आई है। अमरीका के ओंकलाहोमास्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज आोफ ह्यूमन साइस मपोषण विज्ञान के सहायक प्रोफेसर एड्रालिनलुकास ने कहा कि निष्कर्ष में यह सामने आयाकि मोटे लोग लगभग 100 ग्राम आम का रोजाना सेवन करे तो यह उनके रक्त शर्करा कास्तर कम करने में मदद कर सकता है।

किशोरावस्था (Adolescence) से जुड़े कुछ तथ्य

1. किशोरावस्था , बाल्यावस्था को युवावस्था से जोड़ने वाली अवस्था है। 2. इस अवस्था में बालक-बालिकाओं के दैहिक परिवर्तन वयस्कावस्था की दिशा में होते हैं एवं बाल्यावस्था के व्यवहार और रुचियों का स्थान युवोचित व्यवहार और रुचियाँ ले लेती हैं। 3. लड़कियों में किशोरावस्था 10-11 वर्ष से प्रारम्भ होकर 17-18 वर्ष तक बनी रहती है तो लड़कों में 13-14 वर्ष से प्रारम्भ होकर 21 वर्ष तक बनी रहती है। 4. लड़कियाँ 12 वें से 14 वें वर्ष के बीच तथा लड़के 1-2 साल बाद यानि कि 14 से 16 वर्ष के बीच लैंगिक रूप से परिपक्व होते हैं। 5. यौवनारम्भ , बाल्यावस्था के अंत व किशोरावस्था के प्रारम्भ का काल है। 6. यौवनारम्भ लड़कियों में 9-10 वर्ष की आयु में प्रारम्भ होकर मासिक धर्म की शुरूआत तक जबकि लड़कों में यह 12 वें वर्ष से शुरू होकर प्रथम स्वप्नदोष तक का काल है। 7. यौवनारम्भ के समय शारीरिक व मानसिक परिवर्तन तेजी से होते हैं। बालोचित शरीर , जीवन के प्रति बालोचित दृष्टिकोण व व्यवहार पीछे छूट जाते हैं और उनका स्थान परिपक्व शरीर , अभिवृत्तियाँ और व्यवहार ले लेते हैं। 8. पूर्व किशोरावस्था ...

Aids एड्स जैसे रोगों से कैसे बचें

1. यौन सम्पर्क से होने वाले रोग गुप्त या यौन रोग कहलाते हैं। 2. एड्स लाइलाज एवं संक्रामक रोग हैं। इस रोग से बचाव ही इलाज है। 3. एड्स , एच.आई.वी. (ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेन्सी वायरस) नामक विषाणु के संक्रमण से होता है। इस संक्रमण से मनुष्य के शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता समाप्त हो जाती है। फलस्वरूप वह विभिन्न संक्रामक रोगों से ग्रसित हो जाता है और अंत में ये रोग उसकी मौत का कारण बन जाते हैं। 4. रक्त के परीक्षण से एच.आई.वी. संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। संक्रमित व्यक्ति को एच. आई.वी. पोजिटिव कहते हैं। 5. एड्स असुरक्षित यौन संबंधों , संक्रमित रक्त चढ़ाने , संक्रमित सिरिंज या सुई के उपयोग , संक्रमित व्यक्ति के अंग का स्वस्थ व्यक्ति में प्रत्यारोपण या फिर संक्रमित माँ के होने वाले बच्चे व स्तनपान से फैलताहै। 6. सामान्य रहन-सहन जैसे टेलीफोन , कम्प्यूटर , किताबें , बर्तन आदि का सहभागी रूप में प्रयोग करने से या शारीरिक स्पर्श जैसे हाथ मिलाना या साथ उठने-बैठने से एड्स नहीं होता। 7. एड्स से बचाव के लिए रोग को फैलाने वाले कारणों से बचना चाहिये। इससे बचने के मुख्य उपाय...

हिंदी निबन्ध : राजस्थान और अकाल

राजस्थान में अकाल यानी फसल की बरबादी , खाली खेत खलिहान , सूखते सिमटते जलाशय , चारे पानी की तलाश में यत्र तत्र भटकते पशुपालक , रोटी रोजी की जुगाड़ में बेहाल आबादी तथासाँय साँय करता समूचा परिवेश। कभी अन्न काल तो कभी जल काल , कभी तृण काल ; कभीतीनों की मार एक साथ। राजस्थान को पिछले 50 वर्षों में तीस वर्ष अकाल की काली छायामें गुजारने पड़े। ऐसा प्रतीत होता है कि राजस्थान और काल का जन्म जन्मान्तर का साथ है।सामान्यतः लोग अकाल का अर्थ वर्षा के न होने से लगाते हैं। परन्तु मेरे विचार से अकाल काअर्थ है - किसान के घर में फसल का न आना। राजस्थान में अकाल का प्रमुख कारण समुचित वर्षा का न होना ही है। एक तो राजस्थानमरु प्रदेश है। यहाँ यथेष्ट मात्रा में वन नहीं है तथा ऐसे ऊँचे पहाड़ों का भी अभाव है जो आनेवाले मानसून को रोक सके। साथ ही और भी अनेक कारण हैं , जिनके कारण से किसान केघर फसल के अभाव में खाली ही पड़े रहते हैं। किसी क्षेत्र में बाढ़ आती है फलतः फसल बहजाती है तो कभी सर्दी में पड़ा पाला रातों रात फसल को बरबाद कर जीरा , मिर्ची , इसबगोलजैसी व्यापारिक फसलों को चटकर जाता है। अचानक ओलों की बौछार...