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हिंदी निबन्ध कैसे लिखें : 8 बातें जो आपको लेखक बना सकती है

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दोस्तों अक्सर हम स्कूल में निबन्ध या किसी भी प्रोग्राम में बोलने के लिए स्पीच तैयार करते थे तो हम अक्सर उसमे कुछ ना कुछ गलती कर बैठते और पूरी साल क्लास में साथ वालों से चिड़ते. उसी बात को ध्यान में रखकर आज मैं आप से एक अच्छा निबन्ध या लेख या किसी भी समाचार पत्र में लेख लिखने के लिए जो सावधानियों की आवश्यकता होती है उनको हमारी अपनी राष्ट्रीय भाषा हिंदी में बता रहा हू - अगर अच्छी लगे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें और उन्हें Aapkisaahayta site के बारे बाताये. यहाँ आपको हर प्रकार का हिंदी निबन्ध मिल जाएगा. मेरी कोशिश है की आपकीसहायता को हिंदी का सबसे बड़ा पोर्टल बनाऊ. मुझे इसमें आपका सहयोग चाहिए. आप भी इस ब्लॉग के लेखक बन सकते है. अगर आपके पास भी अच्छे हिंदी के निबन्ध या कोई भी जानकरी है तो आप मुझे इस पते पर भेजे - sandeepola9@gmail.com और अगर आपको ये वेबसाइट अच्छी लगे तो आप इसके पार्टनर बन सकते है आप मुझे ईमेल कर दे आपको आवश्यक जानकारी बता दूंगा कि इसका पार्टनर बनकर आपको क्या फायदा होगा या आपको क्या करना होंगा. संदीप ओला    चलिए दोस्तों उन बातों पढ़ लेतेहै जिनको...

हिंदी व्याकरण - पर्यायवाची शब्द

भाषा में शब्द और अर्थ दोनों का अपना विशिष्ट स्थान एवं महत्त्व है। एक अर्थ के द्योतन हेतु एक शब्द विशेष होता है ,   परंतु भाषा-प्रयोग की दृष्टि से उस एक ही शब्द का अनेक बार प्रयोग उचित प्रतीत नहीं होता। ऐसी परिस्थिति में निहितार्थ की अभिव्यक्ति हेतु उसी के समान अर्थ प्रतीति कराने वाले अन्य शब्द का प्रयोग किया जाता है। ऐसे समानार्थी शब्द ही पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं। अपनी भाषा-शैली को प्रभविष्णु बनाने एवं एक ही शब्द की अनेक बार आवृत्ति को रोकने हेतु पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग किया जाता है। अग्नि आग , अनल , पावक , दहन , वह्नि , कृशानु। अतिथि अभ्यागत , पाहुन , मेहमान , आगन्तुक। अमृत सुधा , सोम , पीयूष , अमी , अमिय , सुरभोग , देवभोग। अपमान अनादर , अवज्ञा , अवहेलना , अवमान , तिरस्कार। अलंकार आभूषण , भूषण , विभूषण , गहना , जेवर। अश्व घोड़ा , हय , हरि , घोटक , बाजि , सैन्धव , तुरंग। असुर दनुज , दैत्य , दानव , राक्षस , तमचर , निश...